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मंगलवार, 4 अगस्त 2015

माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति के लिए कुछ खास उपाय / टोटके \ laxmi sadhan \ dhan dayak sadhna \ incam \ dhan prapti

धन प्राप्ति के अनेको उपाय -- शुद्ध सात्विक सटीक -- 09926077010
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके 
===== अपनी  स्थितिनुसार जो उचित लगे अपनाये -- सावधानी रखे यह प्रचलित उपाय ही हे विशेष नहीं 
1. सदैव याद रखें कभी भी किसी से कोई चीज मुफ्त में न लें , हमेशा उसका मूल्य अवश्य ही चुकाएं , कभी भी किसी व्यक्ति को धोखा देकर धन का संचय न करें , इस तरह से कमाया हुआ धन टिकता नहीं है , वह उस व्यक्ति और उसके परिवार के ऊपर कर्ज के रूप में चढ जाता है और ऐसा करने से व्यक्ति के स्वयं के भाग्य और उसके कर्म से आसानी से मिलने वाली सम्रद्धि और सफलता में भी हमेशा बाधाएँ ही आती है ।

2. हर एक व्यक्ति को चाहे वह अमीर हो या गरीब , उसका जो भी व्यवसाय / नौकरी हो अपनी आय का कुछ भाग प्रति माह धार्मिक कार्यों में अथवा दान पुण्य में अवश्य ही खर्च करें , ऐसा करने से उस व्यक्ति पर माँ लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहती है , उसके परिवार में हर्ष - उल्लास और सहयोग का वातावरण बना रहता है तथा सामान्यता वह अपने दायित्वों के पूर्ति के लिए पर्याप्त धन अवश्य ही आसानी से कमा लेता है ।

3. स्त्रियों को स्वयं लक्ष्मी का स्वरुप माना गया है । प्रत्येक स्त्री को पूर्ण सम्मान दें । घर की व्यवस्था अपनी पत्नी को सौपें , वही घर को चलाये उसके काम में कभी भी मीन मेख न निकालें । अपने माता पिता को अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा अवश्य ही दें । घर में कोई भी बड़ा काम हो तो उस घर के बड़े बुजुर्गों विशेषकर स्त्रियों को अवश्य ही आगे करें । अपने घर एवं रिश्तेदारी में अपनी पत्नी को अवश्य ही आगे रखें । अपनी माँ, पत्नी, बहन एवं बेटी को हर त्यौहार , जन्मदिवस , एवं शादी की सालगिरह आदि पर कोई न कोई उपहार अवश्य ही दे ।

4. घर के मुखिया जो अपने घर व्यापार में माँ लक्ष्मी की कृपा चाहते है वह रात के समय कभी भी चावल, सत्तू , दही , दूध ,मूली आदि खाने की सफेद चीजों का सेवन न करें इस नियम का जीवन भर यथासंभव पालन करने से आर्थिक पक्ष हमेशा ही मजबूत बना रहता है । 

5. शुक्रवार को सवा सौ ग्राम साबुत बासमती चावल और सवा सौ ग्राम ही मिश्री को एक सफेद रुमाल में बांध कर माँ लक्ष्मी से अपनी गलतियों की क्षमा मांगते हुए उनसे अपने घर में स्थायी रूप से रहने की प्रार्थना करते हुए उसे नदी की बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें , धीरे धीरे आर्थिक पक्ष मजबूत होता जायेगा । 

6. प्रथम नवरात्री से नवमी तिथि तक प्रतिदिन एक बार श्रीसूक्त का अवश्य ही पाठ करें इससे निश्चय ही आप पर माता लक्ष्मी की कृपा द्रष्टि बनी रहेगी ।

7. घर के पूजा स्थल और तिजोरी में सदैव लाल कपडा बिछा कर रखें और संध्या में आपकी पत्नी या घर की कोई भी स्त्री नियम पूर्वक वहां पर ३ अगरबत्ती जला कर अवश्य ही पूजा करें । 

8. प्रत्येक पूर्णिमा में नियमपूर्वक साबूदाने की खीर मिश्री और केसर डाल कर बनाये फिर उसे माँ लक्ष्मी को अर्पित करते हुए अपने जीवन में चिर स्थाई सुख , सौभाग्य और सम्रद्धि की प्रार्थना करें , तत्पश्चात घर के सभी सदस्य उस खीर के प्रशाद का सेवन करें । 

9. हर 6 माह में कम से कम एक बार अपने माता पिता को कोई उपहार अवश्य ही दें इससे आपकी आय में सदैव बरकत रहेगी । 

10. घर में तुलसी का पौधा लगाकर वहां पर संध्या के समय रोजाना घी का दीपक जलाने से माता लक्ष्मी उस घर से कभी भी नहीं जाती है ।
उपाय करते समय ध्यान में रखने योग्य बातें
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके

11. शुक्र ग्रह भौतिक सुख के कारक है , इसको मजबूत करने के लिए घर का कुछ हिस्सा कच्चा जरुर रखे ।

12. यदि गृह लक्ष्मी प्रतिदिन एक लोटा जल प्रात: घर के मुख्य द्वार पर डाले तो उस घर में धन का आगमन बहुत ही सुगमता से होता है ।

13. माँ लक्ष्मी का ध्यान करते हुए स्नान के पश्चात यदि मस्तक पर शुद्ध केसर का तिलक , और इत्र लगाकर ही घर से अपने व्यवसाय में जाएँ तो धन लाभ की सम्भावना बड़ जाती है ।

14. रात को सोते समय अपने दन्त फिटकरी से साफ करें लाभ प्राप्त होगा ।

15. बुधवार को हरा चारा , ब्रहस्पति वार को गीली चने की दाल को आटे में मिलाकर उसके 2 पेड़े और शुक्रवार को सफेद चावल मीठा डालकर गाय को खिलाने से उस घर पर कभी भी कोई भी आर्थिक संकट नहीं आता है ।

16. इन्द्रकृत महालक्ष्मी स्तोत्र के 11 पाठ नित्य करने और गीताजी के ग्यारहवें अध्याय का नियमित पाठ करने से महालक्ष्मी उस घर में सदा निवास करती है।

17. श्रीसूक्त के रात्रि के समय 11 पाठ करने व एक पाठ से हवन करने से मां लक्ष्मी उस पर सदा प्रसन्न रहती है। 

18. ध्यान रहे धन लक्ष्मी की पूजा करने वाले किसी भी हाल में स्त्री का अनादर नहीं करें। 

19. धन लक्ष्मी माता को सफेद पदार्थ जैसे चावल से बनी खीर और यथासंभव दूध से बने पकवानों का भोग लगाएं। 

20. गृह लक्ष्मी, माता या घर की सबसे बड़ी स्त्री को आदर देते हुए घर की किसी भी पूजा का कोई भी प्रसाद सर्वप्रथम उन्हें ही ग्रहण कराएं तत्पश्चात स्वयं ग्रहण करें
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके

21. भगवती लक्ष्मी के 18 पुत्र माने जाते हैं। इनके प्रतिदिन अथवा शुक्रवार के दिन इनके नाम के आरंभ में ॐ और अंत में 'नम:' लगाकर जप करने से मनचाहे धन की प्राप्ति होती है। जैसे - 

1. ॐ देवसखाय नम:2. ॐ चिक्लीताय नम:3. ॐ आनंदाय नम:4. ॐ कर्दमाय नम: 5. ॐ श्रीप्रदाय नम:6. ॐ जातवेदाय नम:7. ॐ अनुरागाय नम:8. ॐ संवादाय नम:9. ॐ विजयाय नम:10. ॐ वल्लभाय नम:11. ॐ मदाय नम:12. ॐ हर्षाय नम:13. ॐ बलाय नम:14. ॐ तेजसे नम:15. ॐ दमकाय नम:16. ॐ सलिलाय नम:17. ॐ गुग्गुलाय नम:18. ॐ कुरूंटकाय नम:



यदि संभव हो तो इन्हे एक सफेद कागज पर लाल स्याही से लिख कर रख लें और पड़ने के बाद इस कागज को चूमकर अपने माथे से अवश्य लगाएँ | 
22. शंख समुद्र मंथन के समय प्राप्त चौदह अनमोल रत्नों में से एक है। माता लक्ष्मी के साथ उत्पन्न होने के कारण इसे लक्ष्मी भ्राता भी कहा जाता है। यही कारण है कि जिस घर में शंख होता है वहां लक्ष्मी का वास अवश्य ही होता है। घर में शंख जरूर रखें। 

23. पति या पत्नी में कोई भी रात्रि में सोने से पहले घरं में ईश्वर का स्मरण करते हुए दो फूल वाले लौंग देसी कपूर के साथ जला लें मां लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहेगी । 

24. शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने से मां लक्ष्मी बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं उस व्यक्ति को धन की कभी भी कमी नहीं रहती है। 

25. बांस की बनी हुई बांसुरी भगवान श्रीकृष्ण को अतिप्रिय है। जिस घर में बांसुरी रखी होती है, उस परिवार में परस्पर प्रेम और सहयोग तो बना रहता ही है साथ ही उस घर में धन-वैभव, सुख-समृद्धि की भी कोई कमी नहीं रहती है। ध्यान दीजियेगा की बांसुरी टूटी / चिटकी न हो और उस पर कोई रेशमी मोटा धागा अवश्य बांध दें। 

26. माह के किसी भी शुक्रवार के दिन 3 कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर खीर खिलाकर पीला वस्त्र व दक्षिणा देकर विदा करें। इससे मां लक्ष्मी की उस घर पर हमेशा कृपा बनी रहती हैं। 

27. किसी शुभ मुहूर्त में लाल धागे में सातमुखी रुद्राक्ष गले में धारण करने से अवश्य ही धन लाभ होता है।

28. सफेद अकाव की जड़ को सफेद कपड़े में बांधकर घर के धन स्थान में रखने से समृद्धि बढ़ती है। 

29. घर में समृद्धि लाने हेतु घर के उत्तर पश्चिम के कोण (वायव्य कोण) में सुन्दर से मिट्टी के बर्तन में कुछ सोने-चांदी के सिक्के, लाल कपड़े में बांध कर रखें। फिर बर्तन को गेहूं या चावल से भर दें। ऐसा करने से घर में धन का अभाव नहीं रहेगा। 

30. काले तिल परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर सात बार उसार कर घर के उत्तर दिशा में फेंक दें, धनहानि बंद होगी।
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके

31. एक हंडिया में सवा किलो हरी साबुत मूंग की दाल, दूसरी में सवा किलो डलिया वाला नमक भर दें। यह दोनों हंडिया घर में कहीं साफ और सुरक्षित जगह में रख दें। यह क्रिया बुधवार के दिन करें। घर में धन आना और रुकना शुरू हो जाएगा। 

32. अगर अचानक धन लाभ की स्थितियाँ बनती नज़र आती हों , किन्तु लाभ नहीं मिल रहा हो, तो गोपी चन्दन की नौ डलियाँ लेकर केले के वृक्ष पर टाँग देनी चाहिए। यह ध्यान रहे की यह चन्दन पीले धागे से ही बाँधना है। 

33. अकस्मात् धन लाभ के लिये शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार को सफेद कपड़े के झंडे को पीपल के वृक्ष पर लगाना चाहिए। इस प्रयोग से व्यवसाय में किसी भी प्रकार का अवरोध भी टल जाता है । 

34. अगर आप अमावस्या के दिन पीली त्रिकोण आकृति की पताका विष्णु मन्दिर में ऊँचाई वाले स्थान पर इस प्रकार लगाएँ कि वह लगातार लहराती रहे, तो आपका भाग्य शीघ्र ही चमक उठेगा। लगातार स्थाई लाभ हेतु यह ध्यान रहे की झंडा वहाँ लगा रहना चाहिए। उसे आप समय समय पर स्वयं बदल भी सकते है । 

35. प्रत्येक शुक्रवार को माता लक्ष्मी के सामने नौं बत्तियों का शुद्ध घी का दीपक जलाकर सफ़ेद दूध की बनी मिठाई का भोग लगाकर तत्पश्चात अपने हाथ से वह प्रशाद अपनी माता, पत्नी, बहन एवं बेटी को खिलाने सबको बाँटने के बाद अंत में स्वयं ग्रहण करने से मां लक्ष्मी सदैव उस घर में निवास करती है।

36. जो व्यक्ति नहाते हुए अथवा पैर धोते हुए पैर से पैर को रगड़कर साफ करता है, सर पर तेल लगाने के बाद हाथों में बचे हुए तेल को मुंह, कलाइयों या बाजुओं में रगड़ता है, नोटों को थूक लगा कर गिनता है । उसे हमेशा धन का संकट बना रहता है । 

37. महिलाओं का आदर करने से तथा 10 वर्ष से कम उम्र की कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर प्रसन्न करने से सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है। 

38. सफेद वस्तुओं का दान करने से मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और सुख-संपत्ति का भंडार भर देती हैं।

39. घर में टूटे-फूटे बर्तनों का उपयोग कदापि न करें। यह दरिद्रता का सूचक है और इससे माँ लक्ष्मी रुष्ठ हो जाती हैं।

40. भगवान विष्णु की पत्नी महालक्ष्मी के कई फोटो उपलब्ध हैं। इन उपलब्ध चित्रों में से उस फोटो की पूजा करनी चाहिए जिसमें महालक्ष्मी और भगवान श्रीहरि गरुड़ देव पर आसीन हो। इस फोटो की पूजा करने पर व्यक्ति मालामाल हो सकता है।जो भी भक्त देवी लक्ष्मी के ऐसे फोटो की पूजा करता है वह सभी देवी-देवताओं की कृपा का पात्र बन जाता है। इसके व्यक्ति कुंडली के सभी दोषों का प्रभाव भी कम हो जाता है। श्रीहरि के साथ लक्ष्मी यदि गुरुड़ देव पर आसीन होकर आपके यहां आएंगी तो वे स्थाई रूप से आप पर कृपा बरसाएंगी।

41. किसी भी विशेष मनोरथ की पूर्ती के लिये शुक्ल पक्ष में जटावाला नारियल नए लाल सूती कपडे में बांधकर बहते जल में प्रवाहित करें। यह उपाय निष्ठापूर्वक करें।नारियल प्रवाहित करने से पहले अपने नाम और गौत्र का उच्चारण अवश्य करें।इसके बाद अपने इष्टदेव से अपनी परेशानियां दूर करने के लिए प्रार्थना करें और नारियल नदी में बहा दें। ध्यान रहे इसके बाद पलट जाएँ और पीछे पलटकर ना देखें। 

42. अगर आपके व्यापार या नौकरी में मंदी आ गयी है तो किसी साफ़ शीशी में सरसों का तेल भरकर उस शीशी को किसी तालाब या बहती नदी के जल में डाल दें और ईश्वर से अपनी सफलता के लिए प्रार्थना करें । आपके व्यापार / नौकरी में जान आ जाएगी। 

43. यदि मार्ग में कोई सफाई कर्मचारी सफाई करता दिखाई दे तो उसे स्नेह से चाय-पानी के लिए कुछ दान अवश्य दें, इससे परिवार में प्रेम व सुख-समृद्धी बड़ती है । यदि सफाई कर्मचारी महिला हो तो बहुत ही उत्तम है । 

44. अगर आपको धन की इच्छा है तो इसके लिए आप बुधवार या चतुर्थी तिथि के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान श्रीगणेश को शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है।

दोस्तों यह कुछ बहुत ही आसान से उपाय है जिनका ध्यान रखकर हम अपनी मेहनत का उत्तम फल, स्थायी रूप से आर्थिक सम्पन्नता प्राप्त कर सकते है ।

दोस्तों हमारा जीवन हमारे किये गए कर्म फलों पर आधारित है , इन्ही कर्मों से हमारे भाग्य , अच्छे बुरे समय का भी निर्धारण होता है , यह शाश्वत सत्य है की हमें अपने अच्छे कर्मों के अच्छे और बुरे कर्मों के बुरे फल अवश्य ही प्राप्त होते है . सामान्यता ऐसा भी देखा जाता है की व्यक्ति बहुत परिश्रम करता है , कर्म भी अच्छे करता है लेकिन उसे उचित फल नहीं मिलते है या उसकी कुंडली में बैठे ग्रहों के खराब फलों के कारण उसके जीवन में भीषण परेशानियाँ आ जाती है , ऐसे समय में हम यंत्र , मन्त्र ,पूजा पाठ और टोटको या उपायों का सहारा लेते है । उपाय या टोटके एक ऐसा मजबूत विज्ञानं है जिससे व्यक्ति बहुत ही कम व्यय ,कम समय और कम परिश्रम में अपनी अभिलाषा को पूर्ण कर लेता है । यंत्रों और मंत्रो की साधना अति जटिल और लम्बे समय वाली होती है इसमें बहुत श्रम भी करना पड़ता है इसीलिए हमारे ऋषि मुनियों ने मानव के कल्याण के लिए बहुत ही सरल,सुगम और बहुत ही जल्दी फल देने वाले अदभुत उपायों /टोटको का निर्माण किया है । विश्व के लगभग सभी देशो, सभी धर्मों में उनके उपाय और टोटको को मान्यता प्राप्त है ।

टोटको को अन्धविश्वास नहीं कहा जा सकता है । किसी भी पुरानी परंपरा का लाभ न होने के बाद भी सुनी सुनाई कहानियों के आधार पर पालन करते रहना अन्धविश्वास कहलायेगा , लेकिन यह टोटके या उपाय बहुत ही प्राचीन और पीड़ियों से आजमाए हुए होते है , हमारे तमाम प्राचीन ग्रंथो, वेदों, उपनिषदों और श्रुतियों में इनका उल्लेख मिलता है । इनके अस्तित्व पर विश्वास करने वाले इनसे लाभ उठाने वाले लोग लाखों करोडो की संख्या में है । यहाँ पर हम आपको जीवन के बहुत से महत्वपूर्ण विषयों पर उपाय / टोटको के बारे में बता रहे है हमें पूर्ण विश्वास है की आप सभी लोगो को भी इन उपायों से मनवांछित लाभ प्राप्त होगा । 


उपाय करते समय ध्यान में रखने योग्य बातें --- 

1. किसी भी उपाय को करते समय, व्यक्ति के मन में यही विचार होना चाहिए, कि उसके द्वारा किया गया उपाय ईश्वरीय कृ्पा से उसको अवश्य ही शुभ फल देगा। 

2 . उपाय से संबन्धित गोपनीयता रखना अति आवश्यक होता है। 

3 . सभी उपाय पूर्णत: सात्विक होकर करने चाहिए । 

4 . उपाय करते समय उपाय पर होने वाले व्ययों, समय और किये जाने वाले परिश्रम को लेकर चिन्तित नहीं होना चाहिए। 

5. सदैव यह मान कर चलिए, कि श्रद्धा व विश्वास से सभी मनोकामनाएं अवश्य ही पूर्ण होती है.

बुधवार, 29 जुलाई 2015

भूत -प्रेत , दोष , बाधा , कारन और , निवारण == ghost == bhoot == chudel == dayan = sol

भूत -प्रेत , दोष , बाधा , कारन और , निवारण 

========= वायव्य आत्माओ का शमन ====09926077010===जो लक्षण शास्त्र में हे ===

==== भुत पालित == जीन -- राक्षस -- आत्माएं == चुडेल -- डायन ==उन्हीं को लगती हे जिनके उस समय गृह कमजोर हो अन्यथा नहीं लगती हे -- आधुनिक विज्ञान में इसका इलाज नहीं हे -- इलाज केवल उनका नींद की गोली हे -- वह इसको डिप्रेशन कहते हे \\ किन्तु ठीक आदमी नहीं होता हे \\
भूत-प्रेत ,वायव्य बाधाएं अथवा तांत्रिक अभिचार व्यक्ति की शारीरिक क्षमता के साथ ही आर्थिक क्षमता पर भी प्रभाव डालते हैं ,इनके कारण पारिवारिक ,दाम्पत्य सम्बन्धी और संतान सम्बन्धी समस्याएं भी हो सकती हैं ,कभी कभी ये गंभीर रोग भी उत्पन्न करते है और मृत्यु का कारण बन जाते है अथवा दुर्घटनाएं करा कर व्यक्ति की मृत्यु के कारण बनते हैं ,कभी कभी इनके कारण शरीर की स्थिति में परिवर्तन हो जाता है और व्यक्ति विकलांग हो सकता है ,मूक-बधिर जैसा हो सकता है ,दौरे आ सकते हैं ,गूम-सुम हो सकता है ,सोचने -समझने अथवा चलने-फिरने में अक्षम हो सकता है ,कुछ शक्तियां व्यक्ति को गलत कार्यों के लिए प्रेरित करती हैं ,अथवा सीधे व्यक्ति के साथ गलत कार्य करती हैं ,कभी-कभी कोई आत्मा किसी महिला के साथ जुड़कर उसका शारीरिक शोषण कर सकती है ,यह व्यक्ति में मांस-मदिरा की और रूचि उत्पन्न कर सकते हैं ,गलत कार्य करवा सकते हैं ,जबकि व्यक्ति ऐसा नहीं चाहता पर उसके शरीर पर उसका नियंत्रण नहीं रहता .इनके प्रभाव से व्यक्ति गलत निर्णय ले सकता है ,लड़ाई-झगडे कर सकता है ,आदि आदि ==09926077010 ==
यदि लगे की व्यक्ति पर किसी आत्मा आदि का प्रभाव है अथवा किसी अभिचार की आशंका हो ,घर में घुसने पर सर भारी हो जाए ,तनाव लगे ,मानसिक विक्षुब्धता हो ,कलह अनावश्यक हो ,हर काम बिगड़ने लगे ,उन्नति रुक जाए ,व्यक्ति विशेष के पसीने से दुर्गन्धयुक्त पसीना आये ,सर चकराए,सर गर्म रहे ,बडबडाये ,आँखे तिरछी हों ,आवेश आये ,उछले-कूड़े-गिरे,आकास की और मुह करके बातें करे ,अचानक इतना बल आ जाए की कई लोगो से मुकाबला कर सके ,शरीर पीला होता जाए ,दिन प्रतिदिन दुर्बल होता जाए ,स्त्री जातक कपडे फाड़ने लगे ,बहुत सात्विक हो जाए या तामसिक हो उग्र रहने लगे अचानक से ,किसी प्रकार का आवेश आने लगे ,बाल बिखेरे झूमे ,व्यक्ति को बुरे सपने आये ,अचानक भय लगे ,छ्या आदि दिखे ,लगे कोई साथ है ,बुरे शकुन दिखे ,बीमारी हो पर कारण पता न लगे ,दुर्घटनाये हो ,बार बार गलतियाँ होने लगें ,तामसिक व्यवहार हो जाए ,उग्रता बढ़ जाए ,कहीं मन न लगे ,एकांत पसंद होने लगे ,अधिक सफाई या गन्दगी अचानक पसंद आने लगे ,कार्य-व्यवहार अस्त-व्यस्त हो जाए ,अचानक व्यवसाय में हानि हो या व्यवसाय रुक जाए ,परिवार में बीमारियाँ बढ़ जाएँ तो यह समस्या हो सकती है ,बच्चे का बहुत रोना ,नोचना ,दांत किटकिटाना,,घर पर पत्थर या हड्डी आदि बरसना ,अचानक आग लग्न जबकि कारण पता न चले तो भी ऐसा हो सकता है ,,यद्यपि इनमे से कुछ ग्रह स्थितियों के कारण भी हो सकता है ,पर लगे की ऐसा है तो किसी योग्य व्यक्ति से संपर्क करना बेहतर होता है | ==09926077010 ==
भूत-प्रेत-चुड़ैल जैसी समस्याओं से व्यक्ति अथवा परिवार के सहयोग से मुक्ति पायी जा सकती है ,किन्तु उच्च स्तर की शक्तियां सक्षम व्यक्ति ही हटा सकता है ,कुछ शक्तियां ऐसी होती हैं की अच्छे अच्छे साधक के छक्के छुडा देती हैं और उनके तक के लिए जान के खतरे बन जाती है ,ऐसे में केवल श्मशान साधक अथवा बेहद उच्च स्तर का साधक ही उन्हें हटा या मना सकता है ,किन्तु यहाँ समस्या यह आती है की इस स्तर का साधक सब जगह मिलता नहीं ,उसे सांसारिक लोगों से मतलब नहीं होता या सांसारिक कार्यों में रूचि नहीं होती ,पैसे आदि का उसके लिए महत्व नहीं होता या यदि वह सात्विक है तो इन आत्माओं के चक्कर में पना नहीं चाहता ,क्योकि इसमें उसकी उस शक्ति का खर्च होता है जो वह अपनी मुक्ति के लिए अर्जन कर रहा होता है . ==09926077010 ==
भूत-प्रेत चुड़ैल जैसी समस्याओं को कौवा तंत्र के प्रयोग से हटाया जा सकता है किन्तु यह जानकार साधक ही कर सकता है ,प्रेत अथवा पिशाच-पिशाचिनी ,अच्छा तांत्रिक भी इन्हें हटा सकता है ,देवी साधक,हनुमान-भैरव साधक इन्हें हटा सकता है ,किन्तु उच्च शक्तिया केवल उच्च साधक ही हटा सकता है,इन्हें देवी[दुर्गा-काली-बगला आदि महाविद्या ]साधक ,भैरव-हनुमान साधक ,श्मशान साधक ,अघोर साधक ,रूद्र साधक हटा सकता है , .
बजरंग बाण का पाठ ,सुदर्शन कवच ,दुर्गा कवच,काली सहस्त्रनाम ,बगला सहस्त्रनाम ,काली कवच, बगला कवच, आदि के पाठ से इनके प्रभाव पर अंकुश लगता है ,उग्र शक्तियों की आराधना इनके प्रभाव को रोकती है ,,
भूत-प्रेत बाधा,किये कराये को निष्प्रभावी करने के लिए अथवा रोकने के लिए वनस्पति और पशु-पक्षी तंत्र में नीली अपराजिता जी जड़ ,नागदौन की जड़ ,,तगर ,मेहंदी ,काली हल्दी , ,श्वेतार्क गणपति ,श्वेतार्क की जड़ , ,गोरोचन,लौंग,भालू का नाख़ून ,शेर का नाख़ून ,भालू के बाल , ,सूअर के दांत , की जड़,जटामांसी की जड़ ,त ,काली कनेर की जड़ ,वच ,शंखपुष्पी , चिरचिटा की जड़ आदि का भी प्रयोग किया जाता है | ==09926077010 ==
भूत-प्रेत से कुछ सुरक्षात्मक उपाय पर ध्यान देने से बचाव रहता है ,,कभी भी भरी दोपहर में ,काली रात में अथवा रात में सुनसान स्थान पर ,श्मशान-कब्र-चौरी-नदी किनारे ,बड़े वृक्ष ,बांस की कोठी आदि के आसपास अकेले जाने से बचना चाहिए ,गले में कोई ताबीज आदि पहनना चाहिए विशेषकर बच्चों ,गर्भवती महिलाओं और कुँवारी कन्याओं को ,घर में गंगाजल और अभिमंत्रित जल का छिडकाव कभी कभी कर देना चाहिए ,धुप  की धूनी देनी चाहिए ,तांत्रिक अभिचार का भय हो तो घर में योग्य व्यक्ति से कील लगवा देनी चाहिए ,,स्थान हो तो घर के दरवाजे पर श्वेतार्क का पौधा लगाना चाहिए ,शमी का पौधा लगाना चाहिए ,पूजा स्थान में शंख रखना चाहिए और संभव हो तो घर में शंख ध्वनि करनी चाहिए , ==09926077010 ==
अकसर भूत-प्रेत ,वायव्य बाधा या अभिचार आदि का भय उन परिवारों पर अधिक होता है जहां पित्र दोष हो अथवा जहां कुल देवता की पूजा न होती हो अथवा कुलदेवता नाराज हो अथवा ईष्ट मजबूत न हों ,,कुल देवता परिवार की रक्षा इस प्रकार की समस्याओं से करते हैं ,यदि यह नाराज हों तो सुरक्षा नहीं करते अथवा यह कमजोर हों तो सुरक्षा कर नहीं पाते ,परिणामतः कोई भी समस्या बिना रुकावट घर में प्रवेश कर जाती है ,,इसीतरह अगर पित्र दोष है तो वे जो समस्या उत्पन्न करते हैं वह तो होगा ही साथ में जैसे आपमें मित्रता होती है ,इन आत्माओं में भी मित्रता हो सकती है ,अतः पितरों के साथ उनके मित्र भी आपके परिवार के आसपास आ जाते हैं जबकि ये आपके परिवार से सम्बंधित नहीं होते और इनका कोई लगाव परिवार से नहीं होता ,अतः ये अपनी अतृप्त इच्छाओं की पूर्ति परिवार से करने का प्रयास कर सकते हैं ,अर्थात यह परिवार के लिए अधिक कष्टकारक हो जाते हैं ,अतः यथा संभव पित्र दोष से मुक्ति पाने का उपाय करना चाहिए और कुलदेवता आदि की पूजा नियमानुसार जरुर करनी चाहिए ,,इसी प्रकार यदि आपके ईष्ट कमजोर हैं या ईष्ट नहीं हैं या आप नास्तिक हैं तो भी कोई समस्या प्रभावी शीघ्र हो जाती है ,.... ==09926077010 ==

सोमवार, 13 जुलाई 2015

संतान दोष के ज्योतिषीय कारण, उपाय Child astrological defects cause Measure



Child astrological defects cause Measure 
 Married woman who wants her mother saying that she also calls her. Generally, most women are lucky who gets that luxury. Yet there are enough women who are deprived of the joys of being a mother. If husband and wife are both excellent in terms of health is not yet their babies here. It is possible that such an ominous astrological planet to bear deprived of this pleasure is keeping them. If the husband is away with the flaws in the health and astrology horoscopes of the woman in child-related interruptions may occur. According to astrology child causing obstruction in the genesis Yoga - the fifth sense and in the masters VII Sptmesh with the cruel planet so the woman could not become mothers. - V, VII sense of humor and woman suffering from Mercury enemy amount or if Mercury vile woman can not produce offspring. - The fifth sense, Rahu and Saturn at the sight of him then, VII expressions Tue and Ketu are eyeing, and thankfully so Ashtmesh reproductive problems arise. - VII in expressions vile sun or Saturn difficulties Sntanotptti are so vile. If a young child to achieve what the astrological horoscope of Upi- this planet are the sum total of these bad planet should take measures to avoid them: the first measure: child Gopal mantra chanting quarter million in auspicious start. Also Balmukund (Lddugopal g) to worship God. Find enjoyment of their butter-sugar. Ganapati with the remembrance by lighting the lamp of pure ghee and chant the following mantra. Mntr- h Clin Devaki, Vasudeva Jagtpte Govindo yarn in Dehi, Tnyn Krishna Twamham Srnngta: Clin h .. The second measure: his wife banana (banana) Balmukund under the tree to worship God. Sycamore tree to worship, jaggery, gram Find enjoyment. Thursday is obtained from 21 children. The third measure: 11 to dusk fast, each dog-child of God is derived from Rudraabhisek Shankar. The fourth measure: poor child, adopted girls, educating them, Likhaan, clothing, copy, book, food and drinks to children is derived by taking the cost of two years. Fifth measure: general, Biel, amla, neem, pipal and five planting leads to progeny. Some other effective measures --- - Harivansa mythology text. - Gopal sahasranAma the text. - V-VII, located in the brutal treatment of the planet. - Eat plenty of milk. - Creation of the god Lord Shiva daily ritual to worship. - Do not take a big disrespect to its imprecate. - Fully aware of religious conduct. - Help the poor and helpless people. Feed them food, donate. - Secret donations in a orphanage.09926077010