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मंगलवार, 4 अगस्त 2015

माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति के लिए कुछ खास उपाय / टोटके \ laxmi sadhan \ dhan dayak sadhna \ incam \ dhan prapti

धन प्राप्ति के अनेको उपाय -- शुद्ध सात्विक सटीक -- 09926077010
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके 
===== अपनी  स्थितिनुसार जो उचित लगे अपनाये -- सावधानी रखे यह प्रचलित उपाय ही हे विशेष नहीं 
1. सदैव याद रखें कभी भी किसी से कोई चीज मुफ्त में न लें , हमेशा उसका मूल्य अवश्य ही चुकाएं , कभी भी किसी व्यक्ति को धोखा देकर धन का संचय न करें , इस तरह से कमाया हुआ धन टिकता नहीं है , वह उस व्यक्ति और उसके परिवार के ऊपर कर्ज के रूप में चढ जाता है और ऐसा करने से व्यक्ति के स्वयं के भाग्य और उसके कर्म से आसानी से मिलने वाली सम्रद्धि और सफलता में भी हमेशा बाधाएँ ही आती है ।

2. हर एक व्यक्ति को चाहे वह अमीर हो या गरीब , उसका जो भी व्यवसाय / नौकरी हो अपनी आय का कुछ भाग प्रति माह धार्मिक कार्यों में अथवा दान पुण्य में अवश्य ही खर्च करें , ऐसा करने से उस व्यक्ति पर माँ लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहती है , उसके परिवार में हर्ष - उल्लास और सहयोग का वातावरण बना रहता है तथा सामान्यता वह अपने दायित्वों के पूर्ति के लिए पर्याप्त धन अवश्य ही आसानी से कमा लेता है ।

3. स्त्रियों को स्वयं लक्ष्मी का स्वरुप माना गया है । प्रत्येक स्त्री को पूर्ण सम्मान दें । घर की व्यवस्था अपनी पत्नी को सौपें , वही घर को चलाये उसके काम में कभी भी मीन मेख न निकालें । अपने माता पिता को अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा अवश्य ही दें । घर में कोई भी बड़ा काम हो तो उस घर के बड़े बुजुर्गों विशेषकर स्त्रियों को अवश्य ही आगे करें । अपने घर एवं रिश्तेदारी में अपनी पत्नी को अवश्य ही आगे रखें । अपनी माँ, पत्नी, बहन एवं बेटी को हर त्यौहार , जन्मदिवस , एवं शादी की सालगिरह आदि पर कोई न कोई उपहार अवश्य ही दे ।

4. घर के मुखिया जो अपने घर व्यापार में माँ लक्ष्मी की कृपा चाहते है वह रात के समय कभी भी चावल, सत्तू , दही , दूध ,मूली आदि खाने की सफेद चीजों का सेवन न करें इस नियम का जीवन भर यथासंभव पालन करने से आर्थिक पक्ष हमेशा ही मजबूत बना रहता है । 

5. शुक्रवार को सवा सौ ग्राम साबुत बासमती चावल और सवा सौ ग्राम ही मिश्री को एक सफेद रुमाल में बांध कर माँ लक्ष्मी से अपनी गलतियों की क्षमा मांगते हुए उनसे अपने घर में स्थायी रूप से रहने की प्रार्थना करते हुए उसे नदी की बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें , धीरे धीरे आर्थिक पक्ष मजबूत होता जायेगा । 

6. प्रथम नवरात्री से नवमी तिथि तक प्रतिदिन एक बार श्रीसूक्त का अवश्य ही पाठ करें इससे निश्चय ही आप पर माता लक्ष्मी की कृपा द्रष्टि बनी रहेगी ।

7. घर के पूजा स्थल और तिजोरी में सदैव लाल कपडा बिछा कर रखें और संध्या में आपकी पत्नी या घर की कोई भी स्त्री नियम पूर्वक वहां पर ३ अगरबत्ती जला कर अवश्य ही पूजा करें । 

8. प्रत्येक पूर्णिमा में नियमपूर्वक साबूदाने की खीर मिश्री और केसर डाल कर बनाये फिर उसे माँ लक्ष्मी को अर्पित करते हुए अपने जीवन में चिर स्थाई सुख , सौभाग्य और सम्रद्धि की प्रार्थना करें , तत्पश्चात घर के सभी सदस्य उस खीर के प्रशाद का सेवन करें । 

9. हर 6 माह में कम से कम एक बार अपने माता पिता को कोई उपहार अवश्य ही दें इससे आपकी आय में सदैव बरकत रहेगी । 

10. घर में तुलसी का पौधा लगाकर वहां पर संध्या के समय रोजाना घी का दीपक जलाने से माता लक्ष्मी उस घर से कभी भी नहीं जाती है ।
उपाय करते समय ध्यान में रखने योग्य बातें
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके

11. शुक्र ग्रह भौतिक सुख के कारक है , इसको मजबूत करने के लिए घर का कुछ हिस्सा कच्चा जरुर रखे ।

12. यदि गृह लक्ष्मी प्रतिदिन एक लोटा जल प्रात: घर के मुख्य द्वार पर डाले तो उस घर में धन का आगमन बहुत ही सुगमता से होता है ।

13. माँ लक्ष्मी का ध्यान करते हुए स्नान के पश्चात यदि मस्तक पर शुद्ध केसर का तिलक , और इत्र लगाकर ही घर से अपने व्यवसाय में जाएँ तो धन लाभ की सम्भावना बड़ जाती है ।

14. रात को सोते समय अपने दन्त फिटकरी से साफ करें लाभ प्राप्त होगा ।

15. बुधवार को हरा चारा , ब्रहस्पति वार को गीली चने की दाल को आटे में मिलाकर उसके 2 पेड़े और शुक्रवार को सफेद चावल मीठा डालकर गाय को खिलाने से उस घर पर कभी भी कोई भी आर्थिक संकट नहीं आता है ।

16. इन्द्रकृत महालक्ष्मी स्तोत्र के 11 पाठ नित्य करने और गीताजी के ग्यारहवें अध्याय का नियमित पाठ करने से महालक्ष्मी उस घर में सदा निवास करती है।

17. श्रीसूक्त के रात्रि के समय 11 पाठ करने व एक पाठ से हवन करने से मां लक्ष्मी उस पर सदा प्रसन्न रहती है। 

18. ध्यान रहे धन लक्ष्मी की पूजा करने वाले किसी भी हाल में स्त्री का अनादर नहीं करें। 

19. धन लक्ष्मी माता को सफेद पदार्थ जैसे चावल से बनी खीर और यथासंभव दूध से बने पकवानों का भोग लगाएं। 

20. गृह लक्ष्मी, माता या घर की सबसे बड़ी स्त्री को आदर देते हुए घर की किसी भी पूजा का कोई भी प्रसाद सर्वप्रथम उन्हें ही ग्रहण कराएं तत्पश्चात स्वयं ग्रहण करें
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके

21. भगवती लक्ष्मी के 18 पुत्र माने जाते हैं। इनके प्रतिदिन अथवा शुक्रवार के दिन इनके नाम के आरंभ में ॐ और अंत में 'नम:' लगाकर जप करने से मनचाहे धन की प्राप्ति होती है। जैसे - 

1. ॐ देवसखाय नम:2. ॐ चिक्लीताय नम:3. ॐ आनंदाय नम:4. ॐ कर्दमाय नम: 5. ॐ श्रीप्रदाय नम:6. ॐ जातवेदाय नम:7. ॐ अनुरागाय नम:8. ॐ संवादाय नम:9. ॐ विजयाय नम:10. ॐ वल्लभाय नम:11. ॐ मदाय नम:12. ॐ हर्षाय नम:13. ॐ बलाय नम:14. ॐ तेजसे नम:15. ॐ दमकाय नम:16. ॐ सलिलाय नम:17. ॐ गुग्गुलाय नम:18. ॐ कुरूंटकाय नम:



यदि संभव हो तो इन्हे एक सफेद कागज पर लाल स्याही से लिख कर रख लें और पड़ने के बाद इस कागज को चूमकर अपने माथे से अवश्य लगाएँ | 
22. शंख समुद्र मंथन के समय प्राप्त चौदह अनमोल रत्नों में से एक है। माता लक्ष्मी के साथ उत्पन्न होने के कारण इसे लक्ष्मी भ्राता भी कहा जाता है। यही कारण है कि जिस घर में शंख होता है वहां लक्ष्मी का वास अवश्य ही होता है। घर में शंख जरूर रखें। 

23. पति या पत्नी में कोई भी रात्रि में सोने से पहले घरं में ईश्वर का स्मरण करते हुए दो फूल वाले लौंग देसी कपूर के साथ जला लें मां लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहेगी । 

24. शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने से मां लक्ष्मी बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं उस व्यक्ति को धन की कभी भी कमी नहीं रहती है। 

25. बांस की बनी हुई बांसुरी भगवान श्रीकृष्ण को अतिप्रिय है। जिस घर में बांसुरी रखी होती है, उस परिवार में परस्पर प्रेम और सहयोग तो बना रहता ही है साथ ही उस घर में धन-वैभव, सुख-समृद्धि की भी कोई कमी नहीं रहती है। ध्यान दीजियेगा की बांसुरी टूटी / चिटकी न हो और उस पर कोई रेशमी मोटा धागा अवश्य बांध दें। 

26. माह के किसी भी शुक्रवार के दिन 3 कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर खीर खिलाकर पीला वस्त्र व दक्षिणा देकर विदा करें। इससे मां लक्ष्मी की उस घर पर हमेशा कृपा बनी रहती हैं। 

27. किसी शुभ मुहूर्त में लाल धागे में सातमुखी रुद्राक्ष गले में धारण करने से अवश्य ही धन लाभ होता है।

28. सफेद अकाव की जड़ को सफेद कपड़े में बांधकर घर के धन स्थान में रखने से समृद्धि बढ़ती है। 

29. घर में समृद्धि लाने हेतु घर के उत्तर पश्चिम के कोण (वायव्य कोण) में सुन्दर से मिट्टी के बर्तन में कुछ सोने-चांदी के सिक्के, लाल कपड़े में बांध कर रखें। फिर बर्तन को गेहूं या चावल से भर दें। ऐसा करने से घर में धन का अभाव नहीं रहेगा। 

30. काले तिल परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर सात बार उसार कर घर के उत्तर दिशा में फेंक दें, धनहानि बंद होगी।
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके

31. एक हंडिया में सवा किलो हरी साबुत मूंग की दाल, दूसरी में सवा किलो डलिया वाला नमक भर दें। यह दोनों हंडिया घर में कहीं साफ और सुरक्षित जगह में रख दें। यह क्रिया बुधवार के दिन करें। घर में धन आना और रुकना शुरू हो जाएगा। 

32. अगर अचानक धन लाभ की स्थितियाँ बनती नज़र आती हों , किन्तु लाभ नहीं मिल रहा हो, तो गोपी चन्दन की नौ डलियाँ लेकर केले के वृक्ष पर टाँग देनी चाहिए। यह ध्यान रहे की यह चन्दन पीले धागे से ही बाँधना है। 

33. अकस्मात् धन लाभ के लिये शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार को सफेद कपड़े के झंडे को पीपल के वृक्ष पर लगाना चाहिए। इस प्रयोग से व्यवसाय में किसी भी प्रकार का अवरोध भी टल जाता है । 

34. अगर आप अमावस्या के दिन पीली त्रिकोण आकृति की पताका विष्णु मन्दिर में ऊँचाई वाले स्थान पर इस प्रकार लगाएँ कि वह लगातार लहराती रहे, तो आपका भाग्य शीघ्र ही चमक उठेगा। लगातार स्थाई लाभ हेतु यह ध्यान रहे की झंडा वहाँ लगा रहना चाहिए। उसे आप समय समय पर स्वयं बदल भी सकते है । 

35. प्रत्येक शुक्रवार को माता लक्ष्मी के सामने नौं बत्तियों का शुद्ध घी का दीपक जलाकर सफ़ेद दूध की बनी मिठाई का भोग लगाकर तत्पश्चात अपने हाथ से वह प्रशाद अपनी माता, पत्नी, बहन एवं बेटी को खिलाने सबको बाँटने के बाद अंत में स्वयं ग्रहण करने से मां लक्ष्मी सदैव उस घर में निवास करती है।

36. जो व्यक्ति नहाते हुए अथवा पैर धोते हुए पैर से पैर को रगड़कर साफ करता है, सर पर तेल लगाने के बाद हाथों में बचे हुए तेल को मुंह, कलाइयों या बाजुओं में रगड़ता है, नोटों को थूक लगा कर गिनता है । उसे हमेशा धन का संकट बना रहता है । 

37. महिलाओं का आदर करने से तथा 10 वर्ष से कम उम्र की कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर प्रसन्न करने से सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है। 

38. सफेद वस्तुओं का दान करने से मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और सुख-संपत्ति का भंडार भर देती हैं।

39. घर में टूटे-फूटे बर्तनों का उपयोग कदापि न करें। यह दरिद्रता का सूचक है और इससे माँ लक्ष्मी रुष्ठ हो जाती हैं।

40. भगवान विष्णु की पत्नी महालक्ष्मी के कई फोटो उपलब्ध हैं। इन उपलब्ध चित्रों में से उस फोटो की पूजा करनी चाहिए जिसमें महालक्ष्मी और भगवान श्रीहरि गरुड़ देव पर आसीन हो। इस फोटो की पूजा करने पर व्यक्ति मालामाल हो सकता है।जो भी भक्त देवी लक्ष्मी के ऐसे फोटो की पूजा करता है वह सभी देवी-देवताओं की कृपा का पात्र बन जाता है। इसके व्यक्ति कुंडली के सभी दोषों का प्रभाव भी कम हो जाता है। श्रीहरि के साथ लक्ष्मी यदि गुरुड़ देव पर आसीन होकर आपके यहां आएंगी तो वे स्थाई रूप से आप पर कृपा बरसाएंगी।

41. किसी भी विशेष मनोरथ की पूर्ती के लिये शुक्ल पक्ष में जटावाला नारियल नए लाल सूती कपडे में बांधकर बहते जल में प्रवाहित करें। यह उपाय निष्ठापूर्वक करें।नारियल प्रवाहित करने से पहले अपने नाम और गौत्र का उच्चारण अवश्य करें।इसके बाद अपने इष्टदेव से अपनी परेशानियां दूर करने के लिए प्रार्थना करें और नारियल नदी में बहा दें। ध्यान रहे इसके बाद पलट जाएँ और पीछे पलटकर ना देखें। 

42. अगर आपके व्यापार या नौकरी में मंदी आ गयी है तो किसी साफ़ शीशी में सरसों का तेल भरकर उस शीशी को किसी तालाब या बहती नदी के जल में डाल दें और ईश्वर से अपनी सफलता के लिए प्रार्थना करें । आपके व्यापार / नौकरी में जान आ जाएगी। 

43. यदि मार्ग में कोई सफाई कर्मचारी सफाई करता दिखाई दे तो उसे स्नेह से चाय-पानी के लिए कुछ दान अवश्य दें, इससे परिवार में प्रेम व सुख-समृद्धी बड़ती है । यदि सफाई कर्मचारी महिला हो तो बहुत ही उत्तम है । 

44. अगर आपको धन की इच्छा है तो इसके लिए आप बुधवार या चतुर्थी तिथि के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान श्रीगणेश को शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है।

दोस्तों यह कुछ बहुत ही आसान से उपाय है जिनका ध्यान रखकर हम अपनी मेहनत का उत्तम फल, स्थायी रूप से आर्थिक सम्पन्नता प्राप्त कर सकते है ।

दोस्तों हमारा जीवन हमारे किये गए कर्म फलों पर आधारित है , इन्ही कर्मों से हमारे भाग्य , अच्छे बुरे समय का भी निर्धारण होता है , यह शाश्वत सत्य है की हमें अपने अच्छे कर्मों के अच्छे और बुरे कर्मों के बुरे फल अवश्य ही प्राप्त होते है . सामान्यता ऐसा भी देखा जाता है की व्यक्ति बहुत परिश्रम करता है , कर्म भी अच्छे करता है लेकिन उसे उचित फल नहीं मिलते है या उसकी कुंडली में बैठे ग्रहों के खराब फलों के कारण उसके जीवन में भीषण परेशानियाँ आ जाती है , ऐसे समय में हम यंत्र , मन्त्र ,पूजा पाठ और टोटको या उपायों का सहारा लेते है । उपाय या टोटके एक ऐसा मजबूत विज्ञानं है जिससे व्यक्ति बहुत ही कम व्यय ,कम समय और कम परिश्रम में अपनी अभिलाषा को पूर्ण कर लेता है । यंत्रों और मंत्रो की साधना अति जटिल और लम्बे समय वाली होती है इसमें बहुत श्रम भी करना पड़ता है इसीलिए हमारे ऋषि मुनियों ने मानव के कल्याण के लिए बहुत ही सरल,सुगम और बहुत ही जल्दी फल देने वाले अदभुत उपायों /टोटको का निर्माण किया है । विश्व के लगभग सभी देशो, सभी धर्मों में उनके उपाय और टोटको को मान्यता प्राप्त है ।

टोटको को अन्धविश्वास नहीं कहा जा सकता है । किसी भी पुरानी परंपरा का लाभ न होने के बाद भी सुनी सुनाई कहानियों के आधार पर पालन करते रहना अन्धविश्वास कहलायेगा , लेकिन यह टोटके या उपाय बहुत ही प्राचीन और पीड़ियों से आजमाए हुए होते है , हमारे तमाम प्राचीन ग्रंथो, वेदों, उपनिषदों और श्रुतियों में इनका उल्लेख मिलता है । इनके अस्तित्व पर विश्वास करने वाले इनसे लाभ उठाने वाले लोग लाखों करोडो की संख्या में है । यहाँ पर हम आपको जीवन के बहुत से महत्वपूर्ण विषयों पर उपाय / टोटको के बारे में बता रहे है हमें पूर्ण विश्वास है की आप सभी लोगो को भी इन उपायों से मनवांछित लाभ प्राप्त होगा । 


उपाय करते समय ध्यान में रखने योग्य बातें --- 

1. किसी भी उपाय को करते समय, व्यक्ति के मन में यही विचार होना चाहिए, कि उसके द्वारा किया गया उपाय ईश्वरीय कृ्पा से उसको अवश्य ही शुभ फल देगा। 

2 . उपाय से संबन्धित गोपनीयता रखना अति आवश्यक होता है। 

3 . सभी उपाय पूर्णत: सात्विक होकर करने चाहिए । 

4 . उपाय करते समय उपाय पर होने वाले व्ययों, समय और किये जाने वाले परिश्रम को लेकर चिन्तित नहीं होना चाहिए। 

5. सदैव यह मान कर चलिए, कि श्रद्धा व विश्वास से सभी मनोकामनाएं अवश्य ही पूर्ण होती है.

सोमवार, 3 अगस्त 2015

पति केसा मिलेगा --- पत्नी किसी मिलेगी === शुख देने वाले - दुःख देनेवाले = कमानेवाले - निठल्ले

== पति केसा मिलेगा --- पत्नी किसी मिलेगी === शुख देने वाले - दुःख देनेवाले = कमानेवाले - निठल्ले 
== आपकी ही कुंडली निश्चित करती हे आपको जीवन साथी केसा मिलेगा और विवाह के बाद आपका जीवन उन्नति दायक होगा या कष्टकारी होगा या अत्यंत नारकीय होगा या ऐशोआराम का होगा 
=== यह आपके सप्तम के स्वामी पर निर्भर करता हे ----
=== सप्तम के स्वामी ग्रहनुसार आपको पति मिलेगा == सुन्दर , कला कलूटा , आकर्षक , नफरती , बहुत कमीना , बहुत ही प्रभावशाली समझदार 
=== किन्तु उस गृह की स्थितिनुसार वह होगा == सप्तम का स्वामी अष्ट हे तो आपका पति === होना न होना बराबर ही होगा आपके जीवन में उसका कोई स्थान नहीं होगा और न ही कोई प्रभाव होगा याने की पति का कोई मतलब नहीं केवल नाम का और साथ भी नहीं रहे या रहे तो शारीरिक रूप से अक्षम या झगड़ा करके अलग रहे 
=== पीड़ित होने प
र वह टोपीबाज होगा और उसके किये कामो से आपको दुःख होगा और अन्य लोग आपका नाजायज फायदा उठाएंगे \
==== स्वस्थ गर्वित मुदित होने पर आपको आपका पति अत्यंत ही वैभवशाली मिलेगा विवाह के पश्चात आप जितने भी दिन हैं परिवार से हो आपका राजसी समय ठीक हो जायेगा आपका प्रभाव और एस्वर्य निरंतर बढ़ता ही रहेगा आपको आमदनी के अनेक स्रोत होंगे ही === गर्वित सप्तम का स्वामी होने से आपके पति के कार्यों से आपको बहुत ही अधिक सम्मान मिलेगा और आपकी ख्याति फैलेगी ही और यदि यह एकदश हुवा तो मरते मरते भी आपके लिए पैसे वह देकर ही मरेगा याने उसकी मोत  के बाद भी आपको पैसा और लाभ मिलेगा ही \\
=== सप्तम का स्वामी द्वादशा हुवा तो आपको वह छोड़ देगा 
=== यह स्वामी छठे भाव में हुवा तो आप दोनों पति पत्नी == कुत्ते बिल्ली की तरह सदेव ही बिना बात के झगड़ते रहेंगे ही और आपकी किसी भी साथी सहयोगी नकट वाले से कभी नहीं पटेगी ही -- बगैर बात के आप विवाद करते रहेंगे ही यदि यह स्थिति हे तो आप अपनी पत्नी को दोषा न दे और न ही आप अपने पति को दोषा न दे और किसी भी मम्मले को टूल न दे \ तीसरे किसी व्यक्ति को बीच में न लए \\
\\\\\\\\\\ भूलकर भी आप दोनों मेसे कोई भी पुलिश केश न करे और न ही कभी कोर्ट कचहरी के चक्क्र में न पड़े यह स्थिति भी बने तो परिवार के सदस्यों द्वारा ही आपसी तालमेल से विवाद को सुलझाये पुलिस केश और कोर्ट केश होने से मामले परिवार सुलझते कम और टूटने की तो गारंटी हे ही 
==== यह स्थिति होने पर अपनी कुंडली जँचवाये और पंडित से सलाह करे वास्तविकता विवाद की जाने फिर आप उपाय करे या प्रयाश करे अपने जीवन को शुखमय बनाने का === 09926077010 
==जन्म पत्रिका देखने बताने का शुल्क हे == 
=== किन्ही मामलो में पति पत्नी की हत्या तक होती हे -- सप्तम का स्वामी तीसरे मंगल हेतो पति पत्नी में मार पिट बहुत होती हे खून तक निकलता हे == शनि हे तो विवाद बहुत और मारपीट == राहुमंगल हे तो पति मार मार कर हड्डी तक तोड़ देता हे और खूब खून भी निकलता हे हत्या भी होजाती हे 
=== सप्तम का स्वामी लग्न में और लग्न का स्वामी सप्तम में हे और शुक्रमंगल का योग हे तो पति पत्नी को मुख मिथुन करता ये ज्यादा  बहुत करवाने से भी विवाद होता हे =और विवाद का कारण पता ही नहीं चलता हे और परिवार उत जाता हे = पत्नी भी पति को मुख से ....जैसे वह फिल्म देखती हे वैसे ही प्रयोग करवाती हे 
=== बड़े व्यापर मेंस्वामी  बर्बादी होने का योग ==== खूब पैसा आने और चलेजाने का योग 
== महादशा का -- कमजोर हे अस्त हे पीड़ित हे == अंतर दशा का स्वामी मुदित गर्वित हे किन्तु 
== वह महा दशा के स्वामी स्व दववादश हे तो आपके पास पैसा बहुत आएगा और आप बहुत बड़ा कार्य व्यापर संपन्न करेंगे भविष्य में और आगे की आशा में किन्तु यह दववादश होने से 
== सारा का सारा व्यापर में आपका धन बर्बाद हो जाता हे या हो जायेगा == पैसा फंश जाता हे डूब जाता हे 
== स शुल्क जानकारी 09926077010 =

==आपके किसी भी गृह की दशा चल रही हो -- उससे अनरर दशा का स्वामी बारहवे हे तो आपको धन व्यय होगा ही \
== यदि महादशा का स्वामी उत्तम फल दाई हे तो धन आएगा और जायेगा 
== अंतर दशा का स्वामी उत्तम दशा में योगकारी हे तो धन बहुत आएगा और चला जायेगे 
== दशा स्वामी कमजोर हे = अंतर दशा स्वामी उत्तम स्थि में हे तो भी पैसा आएगा और सब चला जायेगा पास का भी 

== अंतर दशा का स्वामी कमजोर हे और महादशा का स्वामी भी जन्म का ठीक नहीं हे तो पैसा आएगा तो नहीं पास का भी चला जायेगा -- जो पास हे वह सब चला जायेगा और जो कुछ समेटते हे वह भी बिक जाएगी जिससे खर्च चलेगा ==== अामदानी होगी ही नही --- और रुक रुक कर होगी == उपाय करवाने से कुछ परिवर्तन हो किन्तु उपाय नहीं करवाने से भी यह समय बीतने पर आप की स्थिति -- उस गृह के बाद के गृह उत्तम योगकारी हे तो सुधर जाती हे नहीं हे योग करी तो और ख़राब हो जाती हे == 09926077010 ==पत्रिका देखने बताने का शुल्क 

रविवार, 7 दिसंबर 2014

लड़के वालों को लड़की दिखाने का सर्वोत्तम समय \ पहली बार में पसंद आने का समय

लड़के वालों को लड़की दिखाने का सर्वोत्तम समय \ पहली बार में पसंद आने का समय 
== इस माह अधिकतर  रिश्तों हेतु  लड़के व लड़की देखने दिखाने  व परिचय सम्मलेन का होता हे \\
= सोमवार को = 11  से 12  == शाम  6  से 7 
= मंगलवार को - 3  से 4  बजे के मध्य में 
== बुधवार को = 12  से 1  और शाम 7  से 8 
== गुरुवार को = सुबह 9  से 10  और सायंकाल 4  से 5  के मध्य में  
== शुक्रवार को = दोपहर 1  से 2   और रात्रि में 8  से 9  के मध्य में 
== शनिवार को == सुबह 10  बजे से 11  के मध्य में == यदि लड़के वालो को इस समय लड़की दिखाई जाती हे तो वह उन्हें अतिशीघ्र पसंद आ जाती हे , इस तरह आपकी व्यर्थ की परेशानी बचती हे \\ जब भी लड़के वाले देखने आने वाले हो तब इस सरणी के समय में ही उन्हें दिखाने के लिया बुलवाये या इस तरह समय रखे की वह आपके यहाँ इस समय में ही पधारें \\ यह बहुत आजमाया हुवा समय हे \\विवाह ,सगाई , रिस्ता ,

सोमवार, 10 नवंबर 2014

===पूजा साधना में विशेष रूप से ध्यान रखें ये बातें...

== पूजा पाठ व अन्य धार्मिक कार्यों के लिए कुछ नियम या सावधानियां हे जिससे हमें अधिकाधिक लाभ मिले इस हेतु हमे पूर्ववर्ती आचार्यों ने कुछ नियम बनाये हे , यह नियम सभी प्रायः जानते हे और अनोको लोगो ने इसको पोस्ट भी किया हे , हम भी इन नियमों से लाभ उठा ये
 ===पूजा साधना में विशेष रूप से ध्यान रखें ये बातें........
.. पूजा साधना करते समय बहुत सी ऐसी बातें हैं जिन पर सामान्यतः हमारा ध्या न नही जाता है लेकिन पूजा साधना की द्रष्टि से ये बातें अति महत्वपूर्ण हैं |
 1. गणेशजी को तुलसी का पत्र छोड़कर सब पत्र प्रिय हैं | भैरव की पूजा में तुलसी का ग्रहण नही है|
 2. कुंद का पुष्प शिव को माघ महीने को छोडकर निषेध है |
 3. बिना स्नान किये जो तुलसी पत्र जो तोड़ता है उसे देवता स्वीकार नही करते |
 4. रविवार को दूर्वा नही तोडनी चाहिए |
 5. केतकी पुष्प शिव को नही चढ़ाना चाहिए |
6. केतकी पुष्प से कार्तिक माह में विष्णु की पूजा अवश्य करें
 7. देवताओं के सामने प्रज्जवलित दीप को बुझाना नही चाहिए 
 8. शालिग्राम का आवाह्न तथा विसर्जन नही होता 
 9. जो मूर्ति स्थापित हो उसमे आवाहन और विसर्जन नही होता |
 10. तुलसीपत्र को मध्याहोंन्त्तर ग्रहण न करें |
 11. पूजा करते समय यदि गुरुदेव ,ज्येष्ठ व्यक्ति या पूज्य व्यक्ति आ जाए तो उनको उठ कर प्रणाम कर उनकी आज्ञा से शेष कर्म को समाप्त करें |
 12. मिट्टी की मूर्ति का आवाहन और विसर्जन होता है और अंत में शास्त्रीयविधि से गंगा प्रवाह भी किया जाता है | 
13. कमल को पांच रात ,बिल्वपत्र को दस रात और तुलसी को ग्यारह रात बाद शुद्ध करके पूजन के कार्य में लिया जा सकता है |
 14. पंचामृत में यदि सब वस्तु प्राप्त न हो सके तो केवल दुग्ध से स्नान कराने मात्र से पंचामृतजन्य फल जाता है |
 15. शालिग्राम पर अक्षत नही चढ़ता | लाल रंग मिश्रित चावल चढ़ाया जा सकता है |
 16. हाथ में धारण किये पुष्प , तांबे के पात्र में चन्दन और चर्म पात्र में गंगाजल अपवित्र हो जाते हैं |
 17. पिघला हुआ घृत और पतला चन्दन नही चढ़ाना चाहिए |
 18. दीपक से दीपक को जलाने से प्राणी दरिद्र और रोगी होता है | दक्षिणाभिमुख दीपक को न रखे | देवी के बाएं और दाहिने दीपक रखें | दीपक से अगरबत्ती जलाना भी दरिद्रता का कारक होता है |
 19. द्वादशी , संक्रांति , रविवार , पक्षान्त और संध्याकाळ में तुलसीपत्र न तोड़ें |
 20. प्रतिदिन की पूजा में सफलता के लिए दक्षिणा अवश्य चढाएं |
 21. आसन , शयन , दान , भोजन , वस्त्र संग्रह , ,विवाद और विवाह के समयों पर छींक शुभ मानी गयी है |
 22. जो मलिन वस्त्र पहनकर , मूषक आदि के काटे वस्त्र , केशादि बाल कर्तन युक्त और मुख दुर्गन्ध युक्त हो, जप आदि करता है उसे देवता नाश कर देते हैं |
 23. मिट्टी , गोबर को निशा में और प्रदोषकाल में गोमूत्र को ग्रहण न करें |
 24. स्त्री और शूद्र के शंख ध्वनि करने से मात्र रुष्ट और भयान्वित हो लक्ष्मी वहां से हट जाती है |
 25. पीपल को नित्य नमस्कार पूर्वाह्न के पश्चात् दोपहर में ही करना चाहिए | इसके बाद न करें |
 26. जहाँ अपूज्यों की पूजा होती है और विद्वानों का अनादर होता है , उस स्थान पर दुर्भिक्ष , मरण , और भय उत्पन्न होता है |
 27. पौष मास की शुक्ल दशमी तिथि , चैत्र की शुक्ल पंचमी और श्रावण की पूर्णिमा तिथि को लक्ष्मी प्राप्ति के लिए लक्ष्मी का पूजन करें |
 28. कृष्णपक्ष में , रिक्तिका तिथि में , श्रवणादी नक्षत्र में लक्ष्मी की पूजा न करें | . मंडप के नव भाग होते हैं , वे सब बराबर-बराबर के होते हैं अर्थात् मंडप सब तरफ सबीे चतुरासन होता है | अर्थात् टेढ़ा नही होता | जिस कुंड की श्रृंगार द्वारा रचना नही होती वह यजमान का नाश करता है |

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2014

--- भारतीय राजनीतिज्ञ और राजनीती ---- क्या और क्यों

--- भारतीय राजनीतिज्ञ और राजनीती ---- क्या और क्यों
---- अधिकतर राजनेता अभी तक शनि प्रधान ही हुवे , उन्होंने राजनीती कूटनीति से , अपनी सेटिंग से , अपनी समझोता वादी नीति से आगे बड़ाई , वह सभी शनि गन प्रधान थे , उनका काम शाशन करना ही था , सभी की बातों में ओजस्विता कभी रही नही \\
----- श्री मोदी जी पहलीबार मंगल प्रधान व्यक्ति प्रधानमंत्री बने हे , आपकी वाणी में ओजस्विता हे , वह दीनता की भाषा नही बोलते हे , वह ऊर्जावान और प्रेरणादायक बातें करते हे , सभी को काम करने का और एक युवा की भाँती दौड़ने का आगे जाने का कहते हे , यह ही मंगल की प्रधानता हे \\ यह ही श्री मोदी जी की शक्ति हे , सामर्थ्य हे , वाणी की ओजस्विता श्रेष्ठतम नेतृत्व प्रदान करती हे \\
----- कांग्रेश का दुर्भाग्य हे की उसके अनेको नेता शनि प्रधान हे , कोई भी मंगल प्रधान नजर नहीं आता हे , अगर इनके पास कोई भी नेता मंगल प्रधान होता तो यह परिद्रस्य आज नही होता \\
----- श्री केजरीवाल जी से सभी को आशा थी किन्तु वह राहु प्रधान थे , हर बात में , उस बात की कमी जो भी रही हो वह तत्काल पकड़ते और सामने लाते थे , अति उत्साह , आधार हीनता , राहु का आधार नही होता हे वह ऊपर ऊपर ही दिखाई  देता हे , यही उनके साथ हुवा वह समय को , समझ नही पाये और - युग परिवर्तन हो गया बदलाव आ गया \\\
------ अभी के चुनावों में भी श्री मोदी जी की सफलता का परचम लहराने को हे \\
------ ज्योतिष किसी पार्टी विशेष का नही होता , यह ग्रहों से होता हे , उस अनुसार ही चलता हे , मेरे कहने और लिखने से कुछ नही होता हे , हम तो तटस्थ हे , और यह किसी को अछा लगता हे और किसी को लिखा बुरा , भी लगता हे , और यह भी सत्य हे की सभी को सभी बाटे पसंद नही आती  हे और न ही आप सभी को एक साथ खुश रख सकते हो == अनेको यह भी कहते हे की मौका देखकर चोका लगाया हे , उनसे हमारा यही निवेदन हे की इस प्रकार की पोस्ट फरवरी माह से लगातार लिखी जाती रही हे पुरानी पोस्टो को पड़ने की कृपा करें , जो चुनाव पूर्व से हे और चुनाव मध्य और चुनावी भी हे सभी पार्टियों की , और विजयी श्री की भी \\ और यह पोस्ट अनेको बड़े नेतावों को भी पोस्ट की जाती रही हे \\

=== sheyar bajar or sona chandee

=== sheyar bajar or sona chandee 
=== ओम श्री गणेशाय नमः == द्वितीयां = 10 =10  = 2014  -----आज का  शुभ अंक = 3 -5 -8
====== बाजार में ऊपर . नीचे होने का समय == 10  .40   == 12 . 30  == 2 .20  ==
=== सेंसेक्स = 26500  से 26750 = ----- 7 शेषन में 1000  गिरने की स्थिति यथावत यह भी संभव की यह 27100 तक ऊपर इन आने वाले 4  शेषन में चढ़े फिर गिरे और 26300  वापस आने वाले सप्ताहांत में आये 
=== सोना 26800  से 27100   ==== बाजार बदलाव का समय दोपहर 11 = 30  = बाद में 5 .10  
=== चांदी = 38500  से 39100 ==
=== क्रूड == 5150  से 5200  ===== अपनी जिम्मेदारी पर ही कार्य करे == हमारी कोई जिम्मेदारी नही हे \\
===== 0  99  260  -770  10