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मंगलवार, 4 अगस्त 2015

माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति के लिए कुछ खास उपाय / टोटके \ laxmi sadhan \ dhan dayak sadhna \ incam \ dhan prapti

धन प्राप्ति के अनेको उपाय -- शुद्ध सात्विक सटीक -- 09926077010
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके 
===== अपनी  स्थितिनुसार जो उचित लगे अपनाये -- सावधानी रखे यह प्रचलित उपाय ही हे विशेष नहीं 
1. सदैव याद रखें कभी भी किसी से कोई चीज मुफ्त में न लें , हमेशा उसका मूल्य अवश्य ही चुकाएं , कभी भी किसी व्यक्ति को धोखा देकर धन का संचय न करें , इस तरह से कमाया हुआ धन टिकता नहीं है , वह उस व्यक्ति और उसके परिवार के ऊपर कर्ज के रूप में चढ जाता है और ऐसा करने से व्यक्ति के स्वयं के भाग्य और उसके कर्म से आसानी से मिलने वाली सम्रद्धि और सफलता में भी हमेशा बाधाएँ ही आती है ।

2. हर एक व्यक्ति को चाहे वह अमीर हो या गरीब , उसका जो भी व्यवसाय / नौकरी हो अपनी आय का कुछ भाग प्रति माह धार्मिक कार्यों में अथवा दान पुण्य में अवश्य ही खर्च करें , ऐसा करने से उस व्यक्ति पर माँ लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहती है , उसके परिवार में हर्ष - उल्लास और सहयोग का वातावरण बना रहता है तथा सामान्यता वह अपने दायित्वों के पूर्ति के लिए पर्याप्त धन अवश्य ही आसानी से कमा लेता है ।

3. स्त्रियों को स्वयं लक्ष्मी का स्वरुप माना गया है । प्रत्येक स्त्री को पूर्ण सम्मान दें । घर की व्यवस्था अपनी पत्नी को सौपें , वही घर को चलाये उसके काम में कभी भी मीन मेख न निकालें । अपने माता पिता को अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा अवश्य ही दें । घर में कोई भी बड़ा काम हो तो उस घर के बड़े बुजुर्गों विशेषकर स्त्रियों को अवश्य ही आगे करें । अपने घर एवं रिश्तेदारी में अपनी पत्नी को अवश्य ही आगे रखें । अपनी माँ, पत्नी, बहन एवं बेटी को हर त्यौहार , जन्मदिवस , एवं शादी की सालगिरह आदि पर कोई न कोई उपहार अवश्य ही दे ।

4. घर के मुखिया जो अपने घर व्यापार में माँ लक्ष्मी की कृपा चाहते है वह रात के समय कभी भी चावल, सत्तू , दही , दूध ,मूली आदि खाने की सफेद चीजों का सेवन न करें इस नियम का जीवन भर यथासंभव पालन करने से आर्थिक पक्ष हमेशा ही मजबूत बना रहता है । 

5. शुक्रवार को सवा सौ ग्राम साबुत बासमती चावल और सवा सौ ग्राम ही मिश्री को एक सफेद रुमाल में बांध कर माँ लक्ष्मी से अपनी गलतियों की क्षमा मांगते हुए उनसे अपने घर में स्थायी रूप से रहने की प्रार्थना करते हुए उसे नदी की बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें , धीरे धीरे आर्थिक पक्ष मजबूत होता जायेगा । 

6. प्रथम नवरात्री से नवमी तिथि तक प्रतिदिन एक बार श्रीसूक्त का अवश्य ही पाठ करें इससे निश्चय ही आप पर माता लक्ष्मी की कृपा द्रष्टि बनी रहेगी ।

7. घर के पूजा स्थल और तिजोरी में सदैव लाल कपडा बिछा कर रखें और संध्या में आपकी पत्नी या घर की कोई भी स्त्री नियम पूर्वक वहां पर ३ अगरबत्ती जला कर अवश्य ही पूजा करें । 

8. प्रत्येक पूर्णिमा में नियमपूर्वक साबूदाने की खीर मिश्री और केसर डाल कर बनाये फिर उसे माँ लक्ष्मी को अर्पित करते हुए अपने जीवन में चिर स्थाई सुख , सौभाग्य और सम्रद्धि की प्रार्थना करें , तत्पश्चात घर के सभी सदस्य उस खीर के प्रशाद का सेवन करें । 

9. हर 6 माह में कम से कम एक बार अपने माता पिता को कोई उपहार अवश्य ही दें इससे आपकी आय में सदैव बरकत रहेगी । 

10. घर में तुलसी का पौधा लगाकर वहां पर संध्या के समय रोजाना घी का दीपक जलाने से माता लक्ष्मी उस घर से कभी भी नहीं जाती है ।
उपाय करते समय ध्यान में रखने योग्य बातें
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके

11. शुक्र ग्रह भौतिक सुख के कारक है , इसको मजबूत करने के लिए घर का कुछ हिस्सा कच्चा जरुर रखे ।

12. यदि गृह लक्ष्मी प्रतिदिन एक लोटा जल प्रात: घर के मुख्य द्वार पर डाले तो उस घर में धन का आगमन बहुत ही सुगमता से होता है ।

13. माँ लक्ष्मी का ध्यान करते हुए स्नान के पश्चात यदि मस्तक पर शुद्ध केसर का तिलक , और इत्र लगाकर ही घर से अपने व्यवसाय में जाएँ तो धन लाभ की सम्भावना बड़ जाती है ।

14. रात को सोते समय अपने दन्त फिटकरी से साफ करें लाभ प्राप्त होगा ।

15. बुधवार को हरा चारा , ब्रहस्पति वार को गीली चने की दाल को आटे में मिलाकर उसके 2 पेड़े और शुक्रवार को सफेद चावल मीठा डालकर गाय को खिलाने से उस घर पर कभी भी कोई भी आर्थिक संकट नहीं आता है ।

16. इन्द्रकृत महालक्ष्मी स्तोत्र के 11 पाठ नित्य करने और गीताजी के ग्यारहवें अध्याय का नियमित पाठ करने से महालक्ष्मी उस घर में सदा निवास करती है।

17. श्रीसूक्त के रात्रि के समय 11 पाठ करने व एक पाठ से हवन करने से मां लक्ष्मी उस पर सदा प्रसन्न रहती है। 

18. ध्यान रहे धन लक्ष्मी की पूजा करने वाले किसी भी हाल में स्त्री का अनादर नहीं करें। 

19. धन लक्ष्मी माता को सफेद पदार्थ जैसे चावल से बनी खीर और यथासंभव दूध से बने पकवानों का भोग लगाएं। 

20. गृह लक्ष्मी, माता या घर की सबसे बड़ी स्त्री को आदर देते हुए घर की किसी भी पूजा का कोई भी प्रसाद सर्वप्रथम उन्हें ही ग्रहण कराएं तत्पश्चात स्वयं ग्रहण करें
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके

21. भगवती लक्ष्मी के 18 पुत्र माने जाते हैं। इनके प्रतिदिन अथवा शुक्रवार के दिन इनके नाम के आरंभ में ॐ और अंत में 'नम:' लगाकर जप करने से मनचाहे धन की प्राप्ति होती है। जैसे - 

1. ॐ देवसखाय नम:2. ॐ चिक्लीताय नम:3. ॐ आनंदाय नम:4. ॐ कर्दमाय नम: 5. ॐ श्रीप्रदाय नम:6. ॐ जातवेदाय नम:7. ॐ अनुरागाय नम:8. ॐ संवादाय नम:9. ॐ विजयाय नम:10. ॐ वल्लभाय नम:11. ॐ मदाय नम:12. ॐ हर्षाय नम:13. ॐ बलाय नम:14. ॐ तेजसे नम:15. ॐ दमकाय नम:16. ॐ सलिलाय नम:17. ॐ गुग्गुलाय नम:18. ॐ कुरूंटकाय नम:



यदि संभव हो तो इन्हे एक सफेद कागज पर लाल स्याही से लिख कर रख लें और पड़ने के बाद इस कागज को चूमकर अपने माथे से अवश्य लगाएँ | 
22. शंख समुद्र मंथन के समय प्राप्त चौदह अनमोल रत्नों में से एक है। माता लक्ष्मी के साथ उत्पन्न होने के कारण इसे लक्ष्मी भ्राता भी कहा जाता है। यही कारण है कि जिस घर में शंख होता है वहां लक्ष्मी का वास अवश्य ही होता है। घर में शंख जरूर रखें। 

23. पति या पत्नी में कोई भी रात्रि में सोने से पहले घरं में ईश्वर का स्मरण करते हुए दो फूल वाले लौंग देसी कपूर के साथ जला लें मां लक्ष्मी की सदैव कृपा बनी रहेगी । 

24. शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करने से मां लक्ष्मी बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं उस व्यक्ति को धन की कभी भी कमी नहीं रहती है। 

25. बांस की बनी हुई बांसुरी भगवान श्रीकृष्ण को अतिप्रिय है। जिस घर में बांसुरी रखी होती है, उस परिवार में परस्पर प्रेम और सहयोग तो बना रहता ही है साथ ही उस घर में धन-वैभव, सुख-समृद्धि की भी कोई कमी नहीं रहती है। ध्यान दीजियेगा की बांसुरी टूटी / चिटकी न हो और उस पर कोई रेशमी मोटा धागा अवश्य बांध दें। 

26. माह के किसी भी शुक्रवार के दिन 3 कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर खीर खिलाकर पीला वस्त्र व दक्षिणा देकर विदा करें। इससे मां लक्ष्मी की उस घर पर हमेशा कृपा बनी रहती हैं। 

27. किसी शुभ मुहूर्त में लाल धागे में सातमुखी रुद्राक्ष गले में धारण करने से अवश्य ही धन लाभ होता है।

28. सफेद अकाव की जड़ को सफेद कपड़े में बांधकर घर के धन स्थान में रखने से समृद्धि बढ़ती है। 

29. घर में समृद्धि लाने हेतु घर के उत्तर पश्चिम के कोण (वायव्य कोण) में सुन्दर से मिट्टी के बर्तन में कुछ सोने-चांदी के सिक्के, लाल कपड़े में बांध कर रखें। फिर बर्तन को गेहूं या चावल से भर दें। ऐसा करने से घर में धन का अभाव नहीं रहेगा। 

30. काले तिल परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर सात बार उसार कर घर के उत्तर दिशा में फेंक दें, धनहानि बंद होगी।
माँ लक्ष्मी की स्थायी कृपा, धन प्राप्ति  के लिए कुछ खास उपाय / टोटके

31. एक हंडिया में सवा किलो हरी साबुत मूंग की दाल, दूसरी में सवा किलो डलिया वाला नमक भर दें। यह दोनों हंडिया घर में कहीं साफ और सुरक्षित जगह में रख दें। यह क्रिया बुधवार के दिन करें। घर में धन आना और रुकना शुरू हो जाएगा। 

32. अगर अचानक धन लाभ की स्थितियाँ बनती नज़र आती हों , किन्तु लाभ नहीं मिल रहा हो, तो गोपी चन्दन की नौ डलियाँ लेकर केले के वृक्ष पर टाँग देनी चाहिए। यह ध्यान रहे की यह चन्दन पीले धागे से ही बाँधना है। 

33. अकस्मात् धन लाभ के लिये शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार को सफेद कपड़े के झंडे को पीपल के वृक्ष पर लगाना चाहिए। इस प्रयोग से व्यवसाय में किसी भी प्रकार का अवरोध भी टल जाता है । 

34. अगर आप अमावस्या के दिन पीली त्रिकोण आकृति की पताका विष्णु मन्दिर में ऊँचाई वाले स्थान पर इस प्रकार लगाएँ कि वह लगातार लहराती रहे, तो आपका भाग्य शीघ्र ही चमक उठेगा। लगातार स्थाई लाभ हेतु यह ध्यान रहे की झंडा वहाँ लगा रहना चाहिए। उसे आप समय समय पर स्वयं बदल भी सकते है । 

35. प्रत्येक शुक्रवार को माता लक्ष्मी के सामने नौं बत्तियों का शुद्ध घी का दीपक जलाकर सफ़ेद दूध की बनी मिठाई का भोग लगाकर तत्पश्चात अपने हाथ से वह प्रशाद अपनी माता, पत्नी, बहन एवं बेटी को खिलाने सबको बाँटने के बाद अंत में स्वयं ग्रहण करने से मां लक्ष्मी सदैव उस घर में निवास करती है।

36. जो व्यक्ति नहाते हुए अथवा पैर धोते हुए पैर से पैर को रगड़कर साफ करता है, सर पर तेल लगाने के बाद हाथों में बचे हुए तेल को मुंह, कलाइयों या बाजुओं में रगड़ता है, नोटों को थूक लगा कर गिनता है । उसे हमेशा धन का संकट बना रहता है । 

37. महिलाओं का आदर करने से तथा 10 वर्ष से कम उम्र की कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर प्रसन्न करने से सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है। 

38. सफेद वस्तुओं का दान करने से मां लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं और सुख-संपत्ति का भंडार भर देती हैं।

39. घर में टूटे-फूटे बर्तनों का उपयोग कदापि न करें। यह दरिद्रता का सूचक है और इससे माँ लक्ष्मी रुष्ठ हो जाती हैं।

40. भगवान विष्णु की पत्नी महालक्ष्मी के कई फोटो उपलब्ध हैं। इन उपलब्ध चित्रों में से उस फोटो की पूजा करनी चाहिए जिसमें महालक्ष्मी और भगवान श्रीहरि गरुड़ देव पर आसीन हो। इस फोटो की पूजा करने पर व्यक्ति मालामाल हो सकता है।जो भी भक्त देवी लक्ष्मी के ऐसे फोटो की पूजा करता है वह सभी देवी-देवताओं की कृपा का पात्र बन जाता है। इसके व्यक्ति कुंडली के सभी दोषों का प्रभाव भी कम हो जाता है। श्रीहरि के साथ लक्ष्मी यदि गुरुड़ देव पर आसीन होकर आपके यहां आएंगी तो वे स्थाई रूप से आप पर कृपा बरसाएंगी।

41. किसी भी विशेष मनोरथ की पूर्ती के लिये शुक्ल पक्ष में जटावाला नारियल नए लाल सूती कपडे में बांधकर बहते जल में प्रवाहित करें। यह उपाय निष्ठापूर्वक करें।नारियल प्रवाहित करने से पहले अपने नाम और गौत्र का उच्चारण अवश्य करें।इसके बाद अपने इष्टदेव से अपनी परेशानियां दूर करने के लिए प्रार्थना करें और नारियल नदी में बहा दें। ध्यान रहे इसके बाद पलट जाएँ और पीछे पलटकर ना देखें। 

42. अगर आपके व्यापार या नौकरी में मंदी आ गयी है तो किसी साफ़ शीशी में सरसों का तेल भरकर उस शीशी को किसी तालाब या बहती नदी के जल में डाल दें और ईश्वर से अपनी सफलता के लिए प्रार्थना करें । आपके व्यापार / नौकरी में जान आ जाएगी। 

43. यदि मार्ग में कोई सफाई कर्मचारी सफाई करता दिखाई दे तो उसे स्नेह से चाय-पानी के लिए कुछ दान अवश्य दें, इससे परिवार में प्रेम व सुख-समृद्धी बड़ती है । यदि सफाई कर्मचारी महिला हो तो बहुत ही उत्तम है । 

44. अगर आपको धन की इच्छा है तो इसके लिए आप बुधवार या चतुर्थी तिथि के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान श्रीगणेश को शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है।

दोस्तों यह कुछ बहुत ही आसान से उपाय है जिनका ध्यान रखकर हम अपनी मेहनत का उत्तम फल, स्थायी रूप से आर्थिक सम्पन्नता प्राप्त कर सकते है ।

दोस्तों हमारा जीवन हमारे किये गए कर्म फलों पर आधारित है , इन्ही कर्मों से हमारे भाग्य , अच्छे बुरे समय का भी निर्धारण होता है , यह शाश्वत सत्य है की हमें अपने अच्छे कर्मों के अच्छे और बुरे कर्मों के बुरे फल अवश्य ही प्राप्त होते है . सामान्यता ऐसा भी देखा जाता है की व्यक्ति बहुत परिश्रम करता है , कर्म भी अच्छे करता है लेकिन उसे उचित फल नहीं मिलते है या उसकी कुंडली में बैठे ग्रहों के खराब फलों के कारण उसके जीवन में भीषण परेशानियाँ आ जाती है , ऐसे समय में हम यंत्र , मन्त्र ,पूजा पाठ और टोटको या उपायों का सहारा लेते है । उपाय या टोटके एक ऐसा मजबूत विज्ञानं है जिससे व्यक्ति बहुत ही कम व्यय ,कम समय और कम परिश्रम में अपनी अभिलाषा को पूर्ण कर लेता है । यंत्रों और मंत्रो की साधना अति जटिल और लम्बे समय वाली होती है इसमें बहुत श्रम भी करना पड़ता है इसीलिए हमारे ऋषि मुनियों ने मानव के कल्याण के लिए बहुत ही सरल,सुगम और बहुत ही जल्दी फल देने वाले अदभुत उपायों /टोटको का निर्माण किया है । विश्व के लगभग सभी देशो, सभी धर्मों में उनके उपाय और टोटको को मान्यता प्राप्त है ।

टोटको को अन्धविश्वास नहीं कहा जा सकता है । किसी भी पुरानी परंपरा का लाभ न होने के बाद भी सुनी सुनाई कहानियों के आधार पर पालन करते रहना अन्धविश्वास कहलायेगा , लेकिन यह टोटके या उपाय बहुत ही प्राचीन और पीड़ियों से आजमाए हुए होते है , हमारे तमाम प्राचीन ग्रंथो, वेदों, उपनिषदों और श्रुतियों में इनका उल्लेख मिलता है । इनके अस्तित्व पर विश्वास करने वाले इनसे लाभ उठाने वाले लोग लाखों करोडो की संख्या में है । यहाँ पर हम आपको जीवन के बहुत से महत्वपूर्ण विषयों पर उपाय / टोटको के बारे में बता रहे है हमें पूर्ण विश्वास है की आप सभी लोगो को भी इन उपायों से मनवांछित लाभ प्राप्त होगा । 


उपाय करते समय ध्यान में रखने योग्य बातें --- 

1. किसी भी उपाय को करते समय, व्यक्ति के मन में यही विचार होना चाहिए, कि उसके द्वारा किया गया उपाय ईश्वरीय कृ्पा से उसको अवश्य ही शुभ फल देगा। 

2 . उपाय से संबन्धित गोपनीयता रखना अति आवश्यक होता है। 

3 . सभी उपाय पूर्णत: सात्विक होकर करने चाहिए । 

4 . उपाय करते समय उपाय पर होने वाले व्ययों, समय और किये जाने वाले परिश्रम को लेकर चिन्तित नहीं होना चाहिए। 

5. सदैव यह मान कर चलिए, कि श्रद्धा व विश्वास से सभी मनोकामनाएं अवश्य ही पूर्ण होती है.

रविवार, 7 दिसंबर 2014

लड़के वालों को लड़की दिखाने का सर्वोत्तम समय \ पहली बार में पसंद आने का समय

लड़के वालों को लड़की दिखाने का सर्वोत्तम समय \ पहली बार में पसंद आने का समय 
== इस माह अधिकतर  रिश्तों हेतु  लड़के व लड़की देखने दिखाने  व परिचय सम्मलेन का होता हे \\
= सोमवार को = 11  से 12  == शाम  6  से 7 
= मंगलवार को - 3  से 4  बजे के मध्य में 
== बुधवार को = 12  से 1  और शाम 7  से 8 
== गुरुवार को = सुबह 9  से 10  और सायंकाल 4  से 5  के मध्य में  
== शुक्रवार को = दोपहर 1  से 2   और रात्रि में 8  से 9  के मध्य में 
== शनिवार को == सुबह 10  बजे से 11  के मध्य में == यदि लड़के वालो को इस समय लड़की दिखाई जाती हे तो वह उन्हें अतिशीघ्र पसंद आ जाती हे , इस तरह आपकी व्यर्थ की परेशानी बचती हे \\ जब भी लड़के वाले देखने आने वाले हो तब इस सरणी के समय में ही उन्हें दिखाने के लिया बुलवाये या इस तरह समय रखे की वह आपके यहाँ इस समय में ही पधारें \\ यह बहुत आजमाया हुवा समय हे \\विवाह ,सगाई , रिस्ता ,

सोमवार, 6 अक्टूबर 2014

mantr dosh ka nivaran

=== truant = mantr dosh ka nivaran == yah tinon alag alag he 
==== बाधा निवारण धुप == किसी प्रकार की रूकावट व्यापर स्थल पर हे तो इसकी धुनि देने से वह दोष हैट जाता हे \\==== नजर दोष निवारण धुप = बार बार नजर लगने से = इस धुप की धुनि से बच्चो और बड़ो को लगी नजर दूर हो जाती हे , कभी कभी घर में असमय विवाद होता हे उसका भी निवारण इस धुप से होता हे \\==== डिप्रेशन निवारण धुप == यह आज की भाषा हे हम इसको , प्रेत बाधा या , बहुत पालित का साया कहते हे , इससे ग्रसित व्यक्ति बहुत ही ज्यादा परेशान रहता हे , वह कुछ भी ठीक से कर नही पता हे , उसको समझ नही पड़ती हे , कभी कभी आपसी के जलने वाले भी कुछ कर देते हे , इस कारण भी तकलीफ होती हे , इस धुप की धुनि से इसमें कमी आती हे \ रोगी शांत रहता हे \\
===== यह सभी धुप 40 =50 ग्राम की पेक हे , मूल्य 250 रु प्रत्येक , पैसा मिलने पर कोरियर कर देते हे , मंगवाने के पहले एक बार बात आवस्य ही कर ले , अलग अलग समस्यावो के लिए अलग अलग ओषधियों का मिश्रण तैयार किया जाता हे , यह पूर्णतः पवित्र हे और वनस्पतियों ओषदीयों का मिश्रण चूर्ण रूप में हे \\ जिन्हे देवता आते हो वह , डिप्रेशन धुप का प्रयोग नही करें , देवता आना बंद हो जायेंगे या आने पर नाराज होंगे \\
=099260 ==77010
===== यह सभी धुप 40 =50 ग्राम की पेक हे , मूल्य 250 रु प्रत्येक , पैसा मिलने पर कोरियर कर देते हे , मंगवाने के पहले एक बार बात आवस्य ही कर ले , अलग अलग समस्यावो के लिए अलग अलग ओषधियों का मिश्रण तैयार किया जाता हे , यह पूर्णतः पवित्र हे और वनस्पतियों ओषदीयों का मिश्रण चूर्ण रूप में हे \\ जिन्हे देवता आते हो वह , डिप्रेशन धुप का प्रयोग नही करें , देवता आना बंद हो जायेंगे या आने पर नाराज होंगे \\=099260 ==77010